Plastic Consumption in India

प्लास्टिक एक ऐसा पदार्थ है जिसे विभिन्न आकारों में डाला जा सकता है यह पॉलीमर से बना होता है और इस पर बिजली का कोई प्रभाव नहीं पड़ता इसलिए इसे अच्छा प्रतिरोधी माना जाता है|
भारत विश्व की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश है |इसलिए यहां प्लास्टिक की खपत भी ज्यादा है |भारत में प्लास्टिक की प्रति व्यक्ति खपत 11 किलोग्राम है, और अनुमान लगाया जा रहा है कि प्लास्टिक की खपत देश में 2022 तक बढ़कर प्रति व्यक्ति 20 किलोग्राम हो जाएगी और विश्व आंकड़ों की मानें तो प्रति व्यक्ति 28 किलोग्राम प्लास्टिक की खपत सन 2022 तक होगी।
प्लास्टिक प्रदूषण कितना खतरनाक होगा इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि 130 करोड़ आबादी वाले देश में प्रत्येक व्यक्ति 11 किलोग्राम प्लास्टिक का प्रयोग करेगा इसका वातावरण और पारिस्थितिकी तंत्र पर क्या प्रभाव पड़ेगा यह विचारणीय है|
इसका प्रयोग इसलिए भी बहुत ज्यादा होता है क्योंकि यह प्रयोग करने में सरल, सुविधा व सहूलियत प्रदान करने वाला तथा बहुत ही किफायती होता है। प्लास्टिक का प्रयोग प्रत्येक व्यक्ति की दिनचर्या में शामिल है। वह कोई भी वस्तु हो आकार में बड़ी हो या छोटी , वजन में हल्का हो या भारी , एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने व ले आने में , साधारणतया प्लास्टिक का ही प्रयोग होता है । बाजार से कोई भी वस्तु लानी हो हमें प्लास्टिक में ही लाना पड़ता है। मनुष्य द्वारा सबसे ज्यादा सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग किया जाता है। यह वह प्लास्टिक होती हैं होती हैं जिनका प्रयोग एक बार हो जाए तो तो दोबारा प्रयोग में नहीं लाया जा सकता और यही वजह है कि उपभोक्ता की मांग को पूरा करने के लिए उत्पादकों को प्लास्टिक का उत्पादन बड़े स्तर पर करना पड़ता हैं।
प्लास्टिक हमारे जीवन में किस प्रकार उपयोगी है इसे इस तरह समझा जा सकता है जब कोई सामान्य व्यक्ति सोकर उठता है तो सबसे पहले टूथ ब्रश प्लास्टिक का ,नहाने गया तो बाल्टी और मग प्लास्टिक का, खाने गए तो प्लेट और ग्लास भी प्लास्टिक के, टिफिन पैक करवाया तो वह भी प्लास्टिक का, पानी पीने गया तो बोतल प्लास्टिक का घर से निकलते ही कहीं इधर प्लास्टिक का बोतल कहीं उधर छोटी बड़ी बड़ी बड़ी पॉलिथीन, बाजार कुछ खाने गया तो वहां भी प्लास्टिक , कुछ लेने गया तो वहां भी प्लास्टिक यहां तक की सजावट की वस्तुएं , आने-जाने के संसाधन , मनोरंजन के साधन , सौंदर्य प्रसाधन के साधन , आज इन सभी छेत्रों मे प्लास्टिक का प्रयोग प्रचुर मात्रा में होता है वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री ने 2022 तक सिंगल यूज प्लास्टिक को पूर्णतया खत्म करने के लिए लक्ष्य रखा है जिसका उद्देश्य 2020 तक सिंगल यूज प्लास्टिक का विकल्प तलाश कर प्लास्टिक का उत्पादन और प्रयोग पूर्णतया बंद हो, हैं। इसके लिए समस्त भारत में इसका उत्पादन पर पूर्णतया रोक लगाया जाएगा तथा पूरी आबादी को इसके प्रति जागरूक कर प्लास्टिक का प्रयोग कम और खत्म किया जाएगा ।

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